राखी के बाद से ही मारवाड़ स्थित रामदेवरा जाने वाले जातरुओं की पद यात्रा शुरू हो जाती है। यह यात्रा रूणीचा में भादवी सुद बीज पर लगने वाले मेले तक चलती है। एक तरफ जहां हिंदू यहां बाबा रामदेव को मत्था टेकने पहुंचते हैं, वहीं मुस्लिम रामशाह पीर की जियारत करने आते हैं।
यह मसला सिर्फ राजस्थान का नहीं, अपितु पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भी बाबा के भक्त रामदेवरा रूणीचा पहुंचते हैं। मध्यप्रदेश और दक्षिणी राजस्थान से जाने वाले लोग उदयपुर अंचल से गुजरते हैं। इस दौरान श्रद्धा के अलग-अलग संकल्प देखने को मिलते हैं। ऐसा ही एक श्रद्धालु उदयपुर अंचल से गुजरा तो सभी देखते रह गए।