राजस्थान हाईकोर्ट मुख्यपीठ ने माइनिंग मामले में बड़ा फैसला देते हुए राज्य सरकार द्वारा खारिज किए गए 548 एलआईओ पर कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस निर्मलजीत कौर की अदालत ने मैसर्स करणी माइनिंग सहित करीब 185 याचिकाओं को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया है।
दरअसल, राज्य सरकार ने 17 अक्टूबर 2015 को एक आदेश जारी करते हुए सभी माइनिंग की 548 एलआईओ को निरस्त कर दिया था। हाईकोर्ट ने सरकार के इस आदेश को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के विरुद्ध मानते हुए आदेश को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने माना कि बिना सुनवाई किए इस तरह से किसी प्रकार का आदेश अनुचित था। हाईकोर्ट ने सरकार को भी राहत देते हुए आदेश दिया है कि मुख्य सचिव तीन वरिष्ठ आईएएस की कमेटी गठित करके मामले की पूरी सुनवाई के बाद निस्तारण करे।
सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने पक्ष रखते हुए कहा कि खान विभाग में खनन पट्टों को लेकर अनियमितताएं हो रही थी। ऐसे में सरकार ने इस आदेश के जरिये सभी एलआईओ को निरस्त किया है जो कि उचित था।