जयपुर शहर की महिला उत्पीड़न एवं दहेज प्रकरण मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 ने मजदूरी करने वाली युवती का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले ठेकेदार गिर्राज बैरवा को सात साल की सजा सुनाई है। सजा के साथ ही अदालत ने अभियुक्त पर 16 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि अभियुक्त ने 27 मई 2015 को सांगानेर इलाके में मजदूरी करने वाली 18 वर्षीय पीड़िता को बेहोश कर अपहरण कर लिया। इसके बाद उसने पीड़िता को शिप्रा पथ थाने के पीछे कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। रात को अभियुक्त पीड़िता से दुष्कर्म और मारपीट करता। इसी दौरान पीड़िता मौका देखकर 6 जुलाई को वहां से भाग आई। वहीं पुलिस अर्ध बेहोशी की हालत में मिलने पर पीड़िता को थाने ले आई।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अभियुक्त उसे बेहोश कर दिन में काम पर चला जाता था और रात को जबरन दुष्कर्म करता था। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 13 जुलाई को अभियुक्त को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया।
उधर, सीकर में भाई-बहन के रिश्ते को कलंकित करने के शर्मनाक मामले में कोर्ट ने अभियुक्त को दस साल की सजा सुनाई है। करीब तीन साल पहले खण्डेला थाना इलाके में नाबालिग से ज्यादती के अभियुक्त को कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। मामले के अनुसार 9 अक्टूबर 2014 में खण्डेला थाना इलाके के सुरेंद्र सिंह पीड़िता के घर आया तथा गाड़ी खरीदने की मिठाई खिलाने के बहाने अपने घर ले गया। वहां ले जाकर उसने नाबालिग से ज्यादती की। पीड़िता ने घर आकर परिजनों को आपबीती बताई। इस पर खण्डेला थाने में मामले में आरोपित को गिरफ्तार कर रिपार्ट पेश की।