कथित गौ-तस्कर पहलू खान की मौत का मामला एक बार पुन: गरमा गया है। मौत के विरोध में पूर्व आईएएस हर्षमंदर की कारवां-ए-मोहब्बत यात्रा जब बहरोड़ पहुंची, तो कस्बे में तनाव पैदा हो गया। हिंदु संगठन इस यात्रा का विरोध कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने हर्षमंदर को घटनास्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी है। इसके बाद हर्षमदंर ने अपने साथियों के साथ घटना स्थल से पहले जागूवास चौक पर फूल चढ़ाए। फूल चढ़ाने के बाद वे वहीं बैठ गए।
गौरतलब है कि इसी वर्ष एक अप्रेल को अलवर के बहरोड़ में गौवंश ले जा कथित गौतस्करों के साथ कथित गौरक्षकों ने मारपीट की थी, जिसमें पहलू खान की मौत हो गई थी। पहलू खान के साथ गाड़ी में 15 लोग और थे, जिनके साथ मारपीट की गई थी।
पुलिस के साथ हुई कहासुनी
घटनास्थल पर बैठे हर्षमंदर
इसके बाद पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी बहस भी हुई। काफी देर बहस होने के बाद हर्षमंदर अपने साथियों के साथ वहां से जयपुर के लिए रवाना हो गए।
गौरतलब है कि गुजरात कैडर के रिटायर्ड आईएएस हर्षमदंर करीब 40 लोगों के साथ इस यात्रा पर निकले है। आज सुबह अलवर से बहरोड़ रवाना होने से पूर्व हर्षमंदर ने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों और दलित लोगों पर हमले बढ़ते ही जा रहे है।
गौरतलब है कि पुलिस जांच में कहा गया है जिन लोगों पर पहलू खान के साथ मारपीट का आरोप था वह उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे।
राजनीति हुई प्रारंभ, मेव समाज में रोष
हर्षमंदर पुलिस के साथ
इससे पूर्व बृहस्पतिवार को पहलू खान मौत मामले में छह आरोपियों को पुलिस जांच में क्लीन चिट देने के बाद इस मामले में पुन: राजनीति प्रारंभ हो गई है।
मेव समाज का कहना है कि इस मामले में नामजद 6 आरोपियों को जांच एजेंसी द्वारा क्लीनचिट दिया जाना संविधान का गला घोंटना जैसा है। जिला मेव पंचायत संरक्षक शेर मोहम्मद ने आरोप लगाया कि सीआईडीसीबी ने हिंदूवादी संगठनों के दबाव में आकर आरोपियों को क्लीनचिट दी है।
शेर मोहम्मद का यह भी आरोप है कि पहलू खान के साथ जो लोग थे, उनके सीआईडीसीबी ने बयान तक नहीं लिए, इसलिए मेव समाज हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा।