दो मासूम बच्चों को नौकरी देने के बहाने लाकर कुकर्म करने के मामले में अजमेर न्यायालय ने सोमवार को फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपित को दस साल के कठोर कारावास और 20 हजार रुपए के जुर्माने से दण्डित किया।
अपर लोक अभियोजक महेन्द्र चौधरी ने बताया कि रेलवे की टीटी मंजूलता महावर ने वर्ष 2015 में ड्यूटी के दौरान एक व्यक्ति को अजमेर रेलवे स्टेशन पर टिकट चैक कराने के लिए रोका। इस पर व्यक्ति तो टिकट दिखाकर रवाना हो गया, लेकिन उसके साथ दो बच्चे थे उन्हें वहीं छोड़ गया। जब टीटी मंजूलता ने बच्चों से पूछा तो उन्होंने उक्त व्यक्ति द्वारा नौकरी के नाम पर उन्हें यहां लाकर कुकर्म करने की घटना से अवगत करवाया। इस पर मंजूलता ने जीआरपी थाने में 18 सितम्बर 2015 को मुकदमा दर्ज करवाया।
इसके बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले आरोपित राजीव कुमार द्विवेदी को गिरफ्तार किया। आरोपित राजीव के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से 8 गवाह और 29 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए। इनके आधार पर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने आरोपित राजीव को विभिन्न धाराओं में दस साल के कठोर कारावास और 20 हजार के जुर्माने की सजा से दण्डित करने की सजा सुनाई।