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Rajasthan: दुष्कर्म मामलों पर बयान देकर घिरे सीएम गहलोत, भाजपा ने कहा-पीड़िताओं को ही झूठा बता रहे, माफी मांगे

Sat, 03 Sep 2022 12:42 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

सीएम गहलोत ने राजस्थान में दर्ज 56 फीसदी दुष्कर्म केस को झूठा बताया था। उनके इस बयान की भाजपा ने निंदा की है। इसके साथ ही सीएम से माफी मांगने को कहा है।
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भाजपा ने की सीएम गहलोत से माफी की मांग - फोटो : Social Media
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विस्तार
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एनसीआरबी रिपोर्ट आने के बाद दुष्कर्म को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में दर्ज आधे से ज्यादा दुष्कर्म के मामले झूठे होते हैं। उनके इस बयान की भाजपा ने निंदा की है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि पीड़िताओं के साथ खड़े होने के बजाय सीएम गहलोत कह रहे हैं कि 56 फीसदी महिलाएं झूठी हैं।

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भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जिसमें उन्होंने सीएम अशोक गहलोत को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सीएम गहलोत कहते हैं कि 56 फीसदी महिलाएं झूठी हैं और उन्हें दंडित किया जाएगा। ऐसे में क्या महिलाएं मामले दर्ज करने के लिए पुलिस के पास जाएंगी? क्या वे सशक्त महसूस करेंगी? उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत से स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए और उनसे माफी मांगने के लिए कहा जाना चाहिए।


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क्या कहा था सीएम गहलोत ने
बता दें कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार देश में सबसे अधिक दुष्कर्म राजस्थान में होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में रोजाना 17 महिला दुष्कर्म की शिकार होती हैं। एनसीआरबी रिपोर्ट के आने के बाद सीएम गहलोत ने कहा था कि बढ़े दुष्कर्म केस के पीछे कम्पल्सरी एफआईआर की व्यवस्था है। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आधे से ज्यादा केस झूठ होते हैं। दुष्कर्म की घटनाएं करने कोई विदेशी आता है क्या? अधिकांश घटनाएं परिवार के जान-पहचान वाले हर करते हैं, या उनमें अपने शामिल होते हैं। सीएम ने कहा कि महिला अपराध के जो केस हैं, उसमें आधे से ज्यादा यानि करीब 56 फीसदी झूठे हैं। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चिंता का विषय है कि कुछ लोगों ने हमारी सरकार की एफआईआर को अनिवार्य पंजीकरण की नीति का दुरुपयोग किया है। उन्होंने झूठी एफआईआर भी दर्ज करवाईं। इसी का नतीजा है कि प्रदेश में 2019 में महिला अपराधों की 45.28 फीसदी, 2020 में 44.77 फीसदी और 2021 में 45.26 फीसदी एफआईआर जांच में झूठी निकली। झूठे मामले दर्ज करवाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और आगे भी की जाएगी।  

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