अशोक गहलोत और सचिन पायलट की लड़ाई के बीच अब पायलट खेमे के नेता खुलकर अदावत दिखाने लगे हैं। प्रदेश यूथ कांग्रेस के उप अध्यक्ष राकेश मीणा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राकेश मीणा ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफा का ऐलान किया और गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा।
राकेश मीणा यूथ कांग्रेस का चुनाव जीतकर प्रदेश के उपाध्यक्ष बने थे। जिसके बाद भी उनको पायलट ग्रुप का मनाते हुए किसी भी जिम्मेदारी से महरूम रखा गया। कहा जा रहा है कि निरंतर प्रयास और मेहनत के बाद भी संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं मिलने से खिन्न होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है।
जिनको 500 वोट भी नहीं मिले, उसे अध्यक्ष बनाया गया
मीणा ने ट्वीट कर लिखा कि मुझे पार्टी में जो दायित्व मिला, वो राहुल गांधी जी की सोच के कारण मिला। लोकतंत्र व्यवस्था के कारण मिला। युवाकांग्रेस में कई कार्यकर्ताओं का दो से तीन बार प्रमोशन किया गया है लेकिन मेरे सहित कई कार्यकर्ताओं का एक बार भी प्रमोशन नहीं किया गया है। जिनके कांग्रेस के चुनाव में 500 वोट भी नहीं आए, उनको राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जो सरासर पक्षपात है।
राकेश मीणा एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मीणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश घोघरा पर कोई करवाई नहीं होने से काफी आहत थे। साथ ही कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के घर हुई बैठक में भी अध्यक्ष गणेश घोघरा का जाना और पद की गरिमा के अनुकूल काम नहीं करने से राकेश मीणा काफी नाराज बताए जा रहे हैं।