राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भले ही राहुल गांधी की री-लॉन्चिंग में लगे हुए हों, लेकिन राजस्थान में लगातार असंतुष्ट गतिविधियां हो रही हैं। कांग्रेस के विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने 5 सितंबर को प्रदेश के प्रमुख अखबारों में पूरे पृष्ठ का विज्ञापन देकर सूचित किया है कि पूर्व डिप्टी सीएम और राजस्थान में सात साल तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सचिन पायलट का जन्मदिन इस बार 7 सितंबर के बजाए 6 सितंबर को ही मनाया जाएगा।
बता दें कि सोलंकी वही विधायक हैं, जिन्होंने 2 सितंबर को सार्वजनिक तौर पर कहा कि यदि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया जाता है कि कांग्रेस सरकार के रिपीट होने की उम्मीद है। हालांकि, पायलट का जन्मदिन हर साल 7 सितंबर को उनके समर्थक धूमधाम से मनाते हैं, लेकिन इस बार 7 सितंबर को राहुल गांधीी की भारत जोड़ो यात्रा शुरू हो रही है और यात्रा के शुरुआत के समय सचिन पायलट राहुल गांधी के साथ रहेंगे। इसलिए राजस्थान में पायलट का जन्मदिन एक दिन पहले 6 सितंबर को मनाया जा रहा है।
जन्मदिन की तिथि को लेकर कोई गफलत न हो, इसलिए वेद प्रकाश सोलंकी ने अखबार में विज्ञापन देकर समर्थकों को 6 सितंबर वाली जानकारी दी है। इसमें कोई दो राय नहीं कि पायलट के संगठन और सरकार के सभी पद छीन लिए जाने के बाद भी उनकी लोकप्रियता बनी हुई है। वे राजस्थान के किसी भी क्षेत्र में जाते हैं तो उनके समर्थकों की भीड़ लग जाती है। पायलट के प्रभाव के कारण ही साल 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का एक भी गुर्जर उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सका। गुर्जर समुदाय को अपनी जाति के सचिन पायलट के मुख्यमंत्री बनने की उम्मीद थी, इसलिए गुर्जर बाहुल्य क्षेत्र से कांग्रेस के सभी उम्मीदवार चुनाव जीत गए।
समर्थकों द्वारा जन्मदिन मनाने की परंपरा पिछले कई साल से चल रही है। पायलट के जन्मदिन पर प्रदेश भर से उनके समर्थक जयपुर स्थित सरकारी आवास पर एकत्रित होते हैं। इस बार भी जन्मदिन के अवसर पर 6 सितंबर को पायलट दोपहर दो बजे तक अपने आवास पर ही रहेंगे।