जिला मंच उपभोक्ता संरक्षण क्रम-2 ने दिल्ली से पटना की फ्लाइट रद्द करने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने पर जेट फ्लाइट लिमिटेड पर दो लाख रुपए का हर्जाना लगाया है।
इसके साथ ही मंच ने दस हजार रुपए परिवाद व्यय के अतिरिक्त अदा करने को कहा है। वहीं मंच ने फ्लाइट रद्द होने के कारण परिवादी की ओर से किए गए अन्य खर्च का पुनर्भरण भी विपक्षी कंपनी को करने के आदेश दिए हैं। मंच ने यह आदेश आरबी माथुर की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए दिए।
परिवाद में कहा गया कि वर्ष 2011 में परिवादी को विवाह में पटना जाना था। उसने दिल्ली से पटना और वापसी का हवाई जहाज का टिकट 10896 रुपए में खरीदा। परिवादी जयपुर से ट्रेन में बैठकर दिल्ली पहुंचा। यहां उसे जानकारी दी गई कि फ्लाइट रद्द हो गई है। इस पर परिवादी ने विपक्षी कंपनी को पटना जाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा, लेकिन कोई व्यवस्था नहीं की।
जिसके चलते परिवादी विवाह समारोह में शामिल नहीं हो सका और वापस जयपुर आकर उसने वापसी की ट्रेन की टिकट रद्द करवाई। जब उसने पटना से वापसी का हवाई जहाज का टिकट रद्द करना चाहा तो कपंनी ने उससे भी इनकार कर दिया।
जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने जेट फ्लाइट पर दो लाख रुपए का हर्जाना लगाते हुए परिवाद व्यय के दस हजार रुपए सहित अन्य खर्च का पुनर्भरण करने के आदेश दिए हैं।