राजस्थान में बेहतर शिक्षा व्यवस्था के दावों के बीच शनिवार सुबह परीक्षा देने पहुंचे 32 बच्चों की जान पर बन आई। परीक्षा से करीब एक घंटा पहले जैसे ही परीक्षा कक्ष का दरवाजा खोला गया इतने में ही छत की पट्टियां भर-भराकर नीचे गिर गईं। वो तो शुक्र था कि कमरे में किसी छात्र ने प्रवेश नहीं किया था। वरना बड़ा हादसा भी हो सकता था।
मामला राजस्थान के बूंदी जिले के नैनवां कस्बे का है। कस्बे के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पांचवीं की परीक्षा होनी थी। स्कूल के रूम नम्बर 16 में करीब 32 बच्चों को बैठना था। परीक्षा शुरू होने का समय सुबह साढे दस बजे का था, उससे करीब एक घंटा पहले कमरा खोला गया। जैसे ही कमरे का गेट खोला गया छत की पट्टियां तेज आवाज के साथ नीचे गिर गई।
अचानक हुई घटना से एक बारगी तो अफरातफरी मच गई। बच्चे दहशत में और उधर स्कूल प्रशासन सकते में आ गया। स्कूल प्रशासन से इस बारे में जवाब देते नहीं बन रहा था। पट्टियां इतनी तेजी से गिरी कि नीचे रखी हुई टेबल कुर्सियां भी टूट गए।
स्कूल प्रशासन ने बच्चों को दूसरे कमरे में बैठाया और परीक्षा आयोजित करवाई। स्कूल के परीक्षा इंचार्ज अनिल गोयल की मानें तो स्कूल में इस तरह की घटना न हो इसे लेकर सावधानी बरती जाएगी। शुक्र रहा कि कोई कमरे में मौजूद नहीं था। बच्चों के क्लास में जाने से पहले ही यह हादसा हो गया, जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।