सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की कथित कंपनी से जुड़े जमीन घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज दो अभियुक्तों को कोर्ट में पेश किया।
जयपुर शहर की निचली अदालत ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के लिए अवाप्त भूमि के बदले मुआवजे के तौर पर दी गई जमीनों में फर्जीवाड़ा करने के मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। इसके साथ ही अदालत ने एक आरोपी की ओर से पेश जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई 2 जनवरी तक टाल दी।
शनिवार को सात दिन की अभिरक्षा समाप्त होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपी जयप्रकाश और अशोक कुमार को अदालत में पेश किया। ईडी की ओर से कहा गया कि प्रकरण में दोनों आरोपियों से पूरी पूछताछ कर ली गई है। ऐसे में उन्हें आगे रिमांड की आवश्यकता नहीं है। इस पर अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। वहीं न्यायिक अभिरक्षा के आदेश होने के बाद आरोपी अशोक की ओर से जमानत अर्जी पेश की गई। जिस पर अदालत ने 2 जनवरी को सुनवाई तय की है।
ईडी की ओर से अधिवक्ता जितेन्द्रसिंह पूनियां ने बताया कि रेंज के लिए केन्द्र सरकार की ओर से भूमि अवाप्ति की गई। इसके बदले मुआवजे के तौर पर प्रभावितों को भूमि दी गई, लेकिन आरोपियों ने फर्जी लोगों के नाम आवंटन पत्र जारी करा लिए और बाद में भूमि को रॉबर्ट वाड्रा की स्काईलाइन कंपनी सहित अन्य कई कंपनियों को बेचा गया। इसे लेकर बीकानेर के कोलायत और गजनेर थाने में आरोपी जयप्रकाश के खिलाफ 18 और अशोक के खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं।