राजस्थान हाईकोर्ट ने जेवीवीएनएल की ओर से सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगाने के लिए नए टेंडर जारी करने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने जेवीवीएनएल और उद्यान विभाग सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश किसान सोलर की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता आतिश जैन ने अदालत को बताया कि प्रदेश में सौर ऊर्जा पंप संयंत्र लगाने और इस पर किसानों को सब्सिडी देने का काम आधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उद्यान विभाग से लेकर जेवीवीएनएलको दे दिया। याचिकाकर्ता पूर्व में चयनीत भी हो गए थे, लेकिन जेवीवीएनएल के पास जाने से शर्तो में हुए बदलाव के कारण याचिकाकर्ता सहित अन्य कंपनियां बाहर हो गई। नई शर्तो से कुछ चुनिन्दा कंपनियां ही प्रोजेक्ट में शामिल हो सकेंगी। ऐसे में इसका कार्य पूर्व की तरह उद्यान विभाग को दिया जाए या जेवीवीएनएल के पास काम जाने से शर्तो में हुए बदलाव को रद्द किया जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने जेवीवीएनएल की ओर से नए टेंडर जारी करने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।