राजस्थान हाईकोर्ट ने हैड मास्टर भर्ती-2012 के लिए द्वितीय श्रेणी अध्यापक को आयू सीमा में पन्द्रह साल की छूट नहीं देने पर प्रमुख शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक और आरपीएससी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही अदालत ने याचिककर्ता के लिए हैड मास्टर का एक पद रिक्त रखने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश आत्माराम कोली की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि द्वितीय श्रेणी अध्यापक पद पर कार्यरत याचिकाकर्ता ने हैड मास्टर भर्ती-2012 में भाग लिया था। जिसमें उसने एससी वर्ग की कट ऑफ से अधिक अंक हासिल किए। याचिकाकर्ता को पन्द्रह साल की ऊपरी आयू सीमा की छूट नहीं दी गई। जिसके चलते उसका हैड मास्टर पद के लिए चयन नहीं हो सका।
याचिका में कहा गया कि राजस्थान अधीनस्थ शिक्षा सेवा नियम के तहत उसे पन्द्रह साल की आयू सीमा की छूट का लाभ मिलना चाहिए था। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए हैड मास्टर का एक पद याचिकाकर्ता के लिए रिक्त रखने के आदेश दिए हैं।