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आरसीए मामला : आपस में सुलझा ले विवाद, कोर्ट नहीं होने देगा खेल-खिलाड़ियों का नुकसान

Thu, 31 Aug 2017 08:19 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आरसीए में चल रहे विवाद के मामले में कहा है कि अदालत नहीं चाहती की आपसी विवाद के कारण खेल-खिलाड़ियों का नुकसान हो। अदालत में प्रकरण का निस्तारण होने में समय लगेगा, इसलिए सभी पक्ष मिलकर विवाद सुलझा लें। अदालत ने कहा कि यदि सहमति से विवाद तय नहीं होता है तो पांच सितंबर 2014 को निखिल डोरू के मामले में दिए निर्देशों को दोहराया जाएगा।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश जयपुर जिला क्रिकेट संघ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि प्रकरण में बीसीसीआई को पक्षकार बनाया या नहीं? इस पर बीसीसीआई की ओर से कहा गया कि आरसीए के दो गुटों की तरफ से चिट्ठी आती है। ऐसे में जब तक यह तय नहीं हो जाता कि आरसीए कौन संभाल रहा है, तब तक हमारे लिए फैसला लेना मुश्किल है।

इस पर अदालत ने कहा अब तो चिट्ठी लिखने का विवाद समाप्त हो चुका है। इस पर आरएस नांदू की ओर से कहा गया कि विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है। बीसीसीआई की ओर से अदालत को कहा गया कि आरसीए ने बीसीसीआई पर दावे कर रखे हैं।
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अब पांच सितंबर को मामले की सुनवाई

वहीं आरसीए की ओर से कहा गया कि हम बीसीसीआई के खिलाफ लंबित दावे वापस लेना चाहते हैं, लेकिन आरएस नांदू ने वापस नहीं लेने दिया। इस पर अदालत ने कहा कि दावे वापस लें, अन्यथा अदालत को हस्तक्षेप करना पड़ेगा। अदालत अब पांच सितंबर को मामले की सुनवाई करेगी।

गौरतलब है कि जेडीसीए ने याचिका में उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें लोकपाल ने नांदू को आरसीए पद पर बहाल किया था। याचिका में कहा गया था कि खेल अधिनियम के तहत विवाद को आब्रिट्रेशन के जरिए ही तय किया जा सकता है। प्रकरण की सुनवाई करते हुए अदालत ने आरसीए के सभी विवादों को अदालत के जरिए तय करना सुनिश्चित किया था।
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