इस बार बहनों को भाइयों की कलाई सजाने के लिए रक्षाबंधन पर सोमवार को सिर्फ ढाई घंटे का समय मिलेगा। सुबह भद्रा होने व इसके बाद चंद्र ग्रहण का सूतक लग जाने से यह स्थिति बनी है।
पंडितों के अऩुसार रक्षा बंधन के लिए सुबह 11:05 बजे तक भद्रा है। भद्रा में भाई को राखी बांधना निषेध रहता है। दोपहर 1:29 बजे से चंद्र ग्रहण का सूतक लग जाएगा। सूतक में भी रक्षा बंधन पर्व नहीं मनाया जा सकता है। इसलिए सिर्फ सुबह 11:05 बजे से दोपहर 1:28 बजे तक यानि लगभग ढाई घंटे ही रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा।
श्रावण शुक्ल पूर्णिमा पर सोमवार को श्रावण नक्षत्र, आयुष्मान योग के साथ भद्रा का साया चंद्र ग्रहण और रक्षा बंधन का महायोग है। इस दिन चंद्रग्रहण और भद्रा का योग बनने के कारण राखी कब बांधी जाए इस पर लोगों में असमंजस की स्थिति है। ग्रहण 7 अगस्त की रात 10 बजकर 40 मिनट पर प्रारंभ होगा। इसका मध्य काल 11 बजकर 39 मिनट पर और मोक्ष मध्यरात्रि में 12 बजकर 35 मिनट पर रहेगा। इस प्रकार ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटा 55 मिनट रहेगी। ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले यानी दोपहर 1 बजकर 40 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा। उसी बीच भद्रा 7 अगस्त को दोपहर 11:29 बजे तक रहेगी।