देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें चाचा नेहरू भी कहा जाता है, की जयंती 14 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस मौके पर राजस्थान विधानसभा में अनूठा आयोजन किया जा रहा है।
इस दिन राज्य विधानसभा की 200 सीटों पर विधायकों के बजाए बच्चे विराजमान होंगे। बाल सत्र के मुख्य अतिथि होंगे लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला। विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी बाल सत्र में विचार रखेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष बिड़ला 14 नवंबर को सुबह 11 बजे इस विशेष बाल सत्र का उद्धाटन करेंगे। विधानसभा स्पीकर जोशी स्वागत भाषण देंगे। सीएम गहलोत और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया भी विचार रखेंगे। राष्ट्रकुल संसदीय संघ की राजस्थान इकाई के सचिव संयम लोढ़ा आभार प्रकट करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम से होगी। समापन राष्ट्रगान के साथ होगा।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत बाल दिवस पर बाल सत्र का आयोजन विस स्पीकर सीपी जोशी की पहल पर हो रहा है। यह विशेष सत्र करीब दो घंटे को होगा। इसके साथ ही राजस्थान देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां बाल दिवस पर विधानसभा में बाल सत्र होगा। इसके साथ ही राजस्थान विधानसभा नया इतिहास रचने जा रही है।
बच्चों को दी गई ट्रेनिंग
इस विशेष सत्र के लिए बच्चों को ट्रेनिंग भी दी गई। चुने गए 200 बच्चों ने विधानसभा में पहुंचकर सदन के कामकाज के तरीके, सवाल पूछने की प्रक्रिया आदि को समझा। प्रश्नकाल, स्थगन प्रस्ताव आदि को भी जाना। स्पीकर जोशी के अनुसार इसका मकसद बच्चों में सियासी समझ व रुचि पैदा करना है।
विधानसभा स्पीकर जोशी चाहते हैं कि दुनिया के दूसरे देशों की तरह भारत में भी बच्चों की राजनीतिक समझ का सम्मान होना चाहिए। बच्चों की क्या परेशानियां हैं और उनका क्या सॉल्यूशन उनके मन में चल रहा है। यह जानना जरूरी है। स्पीकर जोशी ने बच्चों से पूछा था कि उनकी सरकार कैसी हो? जवाब देने के लिए बच्चों ने वीडियो बनाकर भेजे। बच्चों ने पिछले चार महीने में कई सुझाव भी दिए। बच्चों ने अपनी परेशानियां बताईं। अब वे सदन में अपनी बात रखेंगे।