राजस्थान की राजनीति में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के मुंह से निकले एक-एक शब्द के मायने तलाशे जाते हैं। ऐसा ही अब सचिन पायलट के एक वीडियो को लेकर हो रहा है। वायरल वीडियो में सचिन पायलट ने कह दिया है, जादू-वादू कुछ नहीं होता। राजनीति के जादूगर कहे जाने वाले अशोक गहलोत की नाराजगी की वजह से अब तक सीएम की कुर्सी से दूर पायलट ने यह भी कहा है, ब्रह्मांड में सिर्फ ईश्वर ही जादूगर है।
दरअसल, हाल ही में दिल्ली एमसीडी, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हैं। कांग्रेस को दो जगहों पर करारी हार का सामना करना पड़ा। एमसीडी और गुजरात में बड़ी हार के बीच पार्टी को हिमाचल प्रदेश से खुशखबरी मिली। यहां पांच साल बाद कांग्रेस सत्ता में लौटने में कामयाब रही।
ऐसे में खास बात यह है कि सीएम अशोक गहलोत के पास गुजरात की जिम्मेदारी थी तो वहीं हिमाचल में सचिन पायलट ने काम किया था। एक पत्रकार ने जब पायलट से पूछा, उन्होंने हिमाचल में कैसे जादू किया तो उन्होंने जादू और जादूगरी जैसी बातों को सिरे से खारिज किया। पायलट ने सवाल के बीच में यह भी कहा, ये जादू-वादू कुछ नहीं होता। पूरे ब्रह्मांड में एक ही जादूगर है, वह है नीली छतरीवाला यानी भगवान शिव। बाकी तो सब हाथ की सफाई है, जादू तो बस ऊपर वाला ही करता है।
पायलट का बयान गहलोत पर निशाना तो नहीं...
बता दें कि पायलट के वीडियो वायरल होते ही लोग इसके मायने तलाशने में जुट गए। कुछ लोग इसे पायलट की विनम्रता बता रहे हैं कि उन्होंने हिमाचल में जीत के लिए कोई भी क्रेडिट लेने से इनकार करते हुए जादू को खारिज किया। वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि पायलट ने सभवत: उस नैरेटिव को खारिज करने की कोशिश की है, जिसके तहत अक्सर गहलोत को जादूगर कहकर संबोधित किया जाता है।
बताते चलें, पायलट और गहलोत के बीच टकराव में अब तक हर बाज बाजी सीएम अशोक गहलोत के हाथ ही लगती रही है। गहलोत की जीत का जिक्र करते हुए अक्सर उन्हें जादूगर कहकर संबोधित किया जाता है। दरअसल, गहलोत के पिता जादूगर थे और बचपन में गहलोत भी उनसे कुछ जादूगरी सीखते थे।