जयपुर के विद्याधर नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेश में कमजोर फायर बिग्रेड सिस्टम को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है।
अधिवक्ता कुणाल रावत की ओर से दायर यह जनहित याचिका सोमवार को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध की गई है। जनहित याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में पर्याप्त फायर बिग्रेड सिस्टम नहीं है। इसके अलावा फायर केन्द्रों के पास पर्याप्त उपकरण नहीं है। नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार 40 हजार की जनसंख्या पर एक फायर बिग्रेड वाहन होना चाहिए। जबकि शहर में 11 केन्द्रों पर केवल पचास वाहन ही हैं।
इसके अलावा प्रदेश के 52 शहर-कस्बे ऐसे हैं जहां फायर बिग्रेड केन्द्र तो दूर एक फायर बिग्रेड वाहन तक नहीं है। याचिका में हाल ही में विद्याधर नगर में हुए हादसे का उदाहरण देने के हुए कहा गया कि फायरकर्मियों को सेना की तरह मुस्तैद होना चाहिए, लेकिन आग लगने पर कर्मचारी बिना संसाधन काफी देरी से पहुंचे। जिसके चलते पांच लोगों की मौत हो गई। याचिका में मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव, कलक्टर और नगर निगम आयुक्त को पक्षकार बनाया गया है।