राजस्थान हाईकोर्ट ने बिना परमिट यात्री परिवहन में लगे वाहनों पर नियमित रूप से कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को आदेश दिए हैं। अदालत ने 4 मई को पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
अदालत ने कहा कि अवैध वाहनों के कारण शहर का सोडाला जैसा इलाका गैस चैम्बर बन गया है। इसके साथ ही अदालत ने डीटीओ मक्खनलाल जांगिड़ की ओर से अवैध बस संचालन के समर्थन में बयान देने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने अतिरिक्त परिवहन आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि वे इस संबंध में डीटीओ का स्पष्टीकरण अदालत में पेश करें।
न्यायाधीश महेशचन्द्र शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश सुरेन्द्र कुमार पारीक की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त परिवहन आयुक्त सतवीर यादव अदालत में पेश हुए। विभाग की ओर से अदालत को बताया गया कि गत वर्ष 17 सितंबर से 10 अप्रेल तक कुल 2811 वाहनों का चालान किया गया। वहीं 446 वाहन जब्त किए गए, हालांकि इनमें जयपुर शहर में एक भी वाहन जब्त नहीं हुआ।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में समाचार पत्र की प्रति पेश कर बताया गया कि डीटीओ मक्खनलाल अवैध बस संचालकों के समर्थन में बयान जारी कर रहे हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने डीटीओ से इस संबंध में स्पष्टीकरण देने के आदेश देते हुए परिवहन विभाग को कार्रवाई कर पालना रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने बताया कि अदालत ने गत 17 सितंबर को आदेश जारी कर बीकानेर और सीकर में बिना परमिट चल रहे यात्री परिवहन वाले वाहनों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके बावजूद भी विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।