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Assam Governor Oath: जानिए कौन हैं गुलाबचंद कटारिया? असम के 31वें राज्यपाल के रूप में ली शपथ

Wed, 22 Feb 2023 03:26 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान के पूर्व बीजेपी विधायक और नेता प्रतिपक्ष रहे गुलाबचंद कटारिया ने असम के नए राज्यपाल के तौर पर गोवाहाटी के कलाक्षेत्र ऑडिटोरियम में शपथ ली। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा और राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड़ मौजूद रहे।
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गुलाबचंद कटारिया - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गुलाबचंद कटारिया ने बुधवार को असम के 31वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संदीप मेहता ने यहां श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में हुए समारोह में कटारिया को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई।

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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे कटारिया ने जगदीश मुखी का स्थान लिया है, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद रविवार को पद छोड़ दिया। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उनके कैबिनेट सहयोगियों, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और बीजेपी नेताओं ने शिरकत की। कटारिया मंगलवार को अपनी पत्नी अनीता के साथ यहां पहुंचे थे।


 

अधिकारियों ने गर्मजोशी से किया स्वागत...
राज्य के मंत्रियों, सरकारी अधिकारियों और राजभवन के अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कटारिया (79) राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार में गृह मंत्री रहे थे। असम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति से पहले वे राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे। गुलाबचंद कटारिया राजस्थान बीजेपी की सियासत में उन नेताओं में शुमार हैं, जिन्होंने बीजेपी को स्थापित करने का काम किया है।
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यही कारण है कि मेवाड़ की जनता ने गुलाबचंद कटारिया को बेहद प्यार और सम्मान दिया, जिसकी बदौलत वह लगातार विधानसभा में उदयपुर से प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। राजसमंद जिले के देलवाड़ा इलाके में एक साधारण परिवार में गुलाबचंद कटारिया का जन्म हुआ था। कटारिया के परिवार में उनकी पत्नी और पांच बेटियां हैं।

साल 1957 से 62 तक बगैर विपक्ष के सबसे ज्यादा सदन चलने का रिकॉर्ड...
साल 1957 विधानसभा चुनाव परिणाम में विपक्ष की संख्या नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए पर्याप्त नहीं थी। कांग्रेस की सरकार थी और मोहनलाल सुखाड़िया सीएम थे। ये वो दौर था, जब विधानसभा के 11 सेशन हुए थे। अब तक के इतिहास की सर्वाधिक 306 बैठक हुईं। विधानसभा के रिकॉर्ड के अनुसार 1665 में 51 घंटे सदन की वर्किंग काउंट हुई है। जो अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। इस सरकार के पहले या बाद में कभी भी ऐसा मौका नहीं आया जब इतने घंटे की वर्किंग हुई हो या इतनी संख्या में बैठकें हुई हो। गहलोत सरकार में अभी तक सात सेशन हुए हैं।

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