राजस्थान के बूंदी शहर में स्थित टाइगर हिल पर मानधाता की छतरी पर पूजा करने को लेकर पुलिस और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच आज लाठी-भाटा जंग हुई। इसके बाद पुलिस ने तीन साधुओं समेत चार दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।
गौतरलब है कि आज हिंदू संगठनों की ओर से मानधाता की छतरी स्थित बालाजी में पूजा-अर्चना की घोषणा की थी और इसके बाद हजारों की संख्या में लोग बूंदी शहर में जमा हो गए। मंदिर की तरफ बढ़ रहे लोगों को रोकने की कोशिश की तो उन्होंने पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने लाठियां भांजकर उन्हें खदेड़ा। इसमें कुछ लोगों को चोटें भी आई है।
इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ की और तीन साधुओं समेत चार दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
धारा 144 और इंटरनेट पर रोक के बाद भी जुटे लोग
मोर्चा संभालने बूंदी पहुंचे आईजी विशाल बंसल
- फोटो : Amar Ujala
हिंदू संगठनों की ओर से एक जनवरी को विवादित मानधाता की छतरी में पूजा की घोषणा की थी। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने यहां धारा 144 लागू करते हुए इंटरनेट सेवा पर भी रोक लगा दी थी।
इसके बाद भी आज बड़ी संख्या में लोग पूजा के लिए जमा हो गए। दोपहर में ये लोग मालनमासी बालाजी के पास एकत्रित होकर रैली के रूप में मानधाता छतरी की ओर बढ़ने लगे। इसी दौरान मीरागेट पर लाठी—भाटा जंग हो गई। भाजपा के जिला प्रवक्ता अमित निम्बार्क को सिर में चोट लगी है। इसके बाद संत लखनदास, संत धर्मादास, संत सुमनदास, पार्षद मुकेश माधवानी, गौरव शर्मा, भानु प्रताप शर्मा, जितेश शर्मा सहित करीब 4 दर्जन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस देर रात तक छापामारी कर प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ कर रही है।