जवाहर कला केंद्र में दो दिन तक भगवान कृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिकाएं प्रस्तुत की जाएंगी। इनमें विरह से लेकर प्रणय तक विभिन्न भावों को मंच पर उतारा जाएगा।
जवाहर कला केंद्र में 17 अगस्त से दो दिवसीय मल्हार फेस्टिवल 'मेघेमैदुरमम्बरं' आयोजित किया जाएगा। इस फेस्टिवल के तहत गुरुवार को गीत गोविंद तथा शुक्रवार को मेघसुंदरम की प्रस्तुति होगी। गीत गोविंद प्रस्तुति पं. आलोक भट्ट द्वारा निर्देशित एवं परिकल्पित है। इसे कलाकार पं. धनंजय मोरेष्वर प्रस्तुत करेंगे। जबकि मेघसुंदरम पं. गिरधारी महाराज द्वारा निर्देशित एवं परिकल्पित है।
गीत गोविंद 12वीं सदी के भारतीय कवि जयदेव द्वारा रचित संस्कृत की कालजयी कृति है। राधा-कृष्ण के प्रणय निवेदन, विरह एवं भक्ति प्रेम पर आधारित कुछ चुनिन्दा अष्टपदियां इस कार्यक्रम में प्रस्तुत की जायेंगी। कार्यक्रम के दौरान बैकग्राउंड में पिक्चर प्रजेंटेशंस के साथ-साथ राजस्थानी लोक गीत एवं शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति होगी।
इसी प्रकार से मेघसुंदरम एक कथक नृत्य नाटिका है, जो भगवान कृष्ण एवं मल्हार पर आधारित है। उल्लेखनीय है कि पं. गिरधारी महाराज एक असाधारण गायक, नर्तक, कवि एवं संगीतकार हैं। उन्होंने कथक की पारम्परिक शैली एवं तकनीक को बनाये रखते हुए नृत्य के इस शास्त्रीय स्वरूप में अनेक नवीन अवधारणाओं को शामिल किया और जयपुर कथक घराना को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।