राजस्थान में बाल विवाह का प्रचलन थमने का नाम ही नहीं ले रहा। पुलिस—प्रशासन करीब 25 बाल विवाह रुकवाने में कामयाब हुआ। जबकि कितने बाल विवाह शक्रवार को अक्षय तृतीया के मौके पर हुए इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। राजस्थान में सबसे अधिक बाल विवाह टोंक जिले में रुकवाए गए।
सरकार व प्रशासन के तमाम जागरुकता अभियान व समझाइश के बाद भी प्रदेश भर में अक्षय तृतीया के मौके पर बड़ी संख्या में बाल विवाह के प्रयास किए गए। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार शुक्रवार को टोंक में 11 बाल विवाह रुकवाए गए व माता—पिता को बाल विवाह नहीं करवाने के लिए पाबंद किया गया। वहीं सीकर, अलवर, सवाईमाधोपुर व प्रदेश की राजधानी जयपुर में भी कई बाल विवाह प्रशासन ने रुकवाए।
जबकि राजस्थान के कई जिलों में बाल विवाह की सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही दुल्हा—दुल्हन को गायब कर दिया गया। गौरतलब है कि राजस्थान देश के चुनिंदा राज्यों में सम्मलित है जहां बाल विवाह सबसे अधिक होते है। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में भी बाल विवाह बड़ी संख्या में होते है।