कोटा संभाग के सबसे बड़े बच्चों के अस्पताल जे के लोन में बीती रात एक के बाद एक दो बच्चों की मौत हो गई। मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। शनिवार सुबह तक अस्तपताल में हंगामा जारी रहा।
हालांकि जे.के. लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आर. के. गुलाटी ने दो बच्चों की मौत की पुष्टि की है। वहीं अस्पताल में हंगामा कर रहे बच्चों के परिजनों का कहना है कि मौत चार बच्चों की हुई है। रात में जिन दो बच्चों की मौत हुई थी अस्पताल प्रशासन ने उनके शवों को परिजनों को सौंपकर रात्रि को ही रवाना कर दिया। परिजनों का आरोप है कि बच्चों की मौत चिकित्सकों की लापरवाही के कारण हुई है।
वे चिकित्सकों को पूरी रात्रि बच्चों का ईलाज करने के लिए कहते रहे लेकिन चिकित्सकों ने कोई ध्यान नहीं दिया। शनिवार सुबह कोटा के नयापुरा थाना पुलिस को सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची है।
पुलिस का कहना है कि उन्हें अस्पताल में चार बच्चों की मौत की सूचना मिली है। वहीं अब अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्चों की मौत निमोनिया बिगड़ने के कारण हुई है। अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।