दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे
- फोटो : Amar Ujala Digital
भारतमाला परियोजना के पहले फेज का हिस्सा है यह रूट
सोहना हरियाणा ज़िले में है और दौसा राजस्थान में है। सोहना-दौसा खंड नई दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे का पहला फेज है। ,दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा। जो करीब 1390 किलोमीटर लंबा रहेगा। यह एक्सप्रेस वे दिल्ली और मुंबई के बीच की यात्रा के समय को भी 24 घंटे से घटाकर 12 घंटे कर देगा। यह मार्च 2023 तक पूरा होने की संभावना है। इसे 'भारतमाला प्रोजेक्ट' के पहले फेज के हिस्से के तौर पर बनाया जा रहा है।
दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे
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एक लाख करोड़ रुपए लागत आएगी
दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 1 लाख करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। इसके निर्माण में 12 लाख टन स्टील का इस्तेमाल हो रहा है, जो 50 हावड़ा ब्रिज के बराबर है। इसमें 35 करोड़ क्यूबिक मीटर मिट्टी और 80 लाख टन सीमेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। हाइवे पर हर 500 मीटर पर रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा होगा। एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ 40 लाख पेड़ लगाए जाने की भी स्कीम तैयार की गई है।
दिल्ली मुम्बई एक्सप्रेस वे
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टोल के लिए रुकना नहीं पड़ेगा
खास बात यह बताई जा रही है कि इस एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स कटवाने के लिए लाइन में लगने या गाड़ी रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूरे एक्सप्रेस वे पर नंबर प्लेट रीडर (NPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो चलते वाहन का फास्ट टैग और गाड़ी की नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे। जिससे चलती गाड़ी में ही टोल कट जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय पहले ही टोल रेट्स को मंजूरी दे चुका है। इस एक्सप्रेस वे पर रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, रिजॉर्ट्स, शॉपिंग मॉल, फ्यूल स्टेशन, सुलभ फैसिलिटीज समेत कई सुविधाएं वाहन चालकों और यात्रियों को मिलेंगी।