प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उदयपुर के खेल गांव में आयोजित जनसभा में कहा कि देश लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि चार ऐसी बातें है जिनकी बदौलत हम लगातार आगे बढ़ रहे है। स्किल, स्केल स्पीड़ और स्कोप को अपनाया है। इससे जिम्मेदारी बढ़ी है और देश लगातार विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब वह जमाना गया जब वादें करके उन्हें इलैक्शन के समय भुनाया जाता था। जनता सब समझ चुकी है।
आज कोटा के जिस हैंगिंग ब्रिज का लोकार्पण किया जा रहा है उसकी नींव वर्ष 2006 में रखी गई थी, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। सत्ता में आने के बाद इस ब्रिज को तीन साल से भी कम समय में पूरा कर लिया। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में देरी का सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। यह राज्य और देश की आर्थिक उन्नति को रोकता है।
इस योजना से पहले 400 सिगरेट जितना धुआं पी जाती थी महिला
पीएम नरेंद्र मोदी
मोदी ने कहा कि तेजी से समय बदल रहा है। पहले काम के लिए लोगों को नेता, मंत्रियों के पास चिट्ठी लिखवाने के चक्कर लगाना पड़ता था, आज ऐसा नहीं है। वे अधिकार के साथ अपने काम की बात करने लगे है।
उज्जवला योजना का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा कि उज्जवला योजना से हमने गरीबों के घर में चूल्हे बुझवाकर गैस जलवाई। चूल्हा जलता था तो उसका धुआं खाना बना रही महिलाओं के लि नुकसानदायक होता था। 400 सिगरेट के धुआं जितना धुआं रोजाना इन महिलाओं के शरीर में चला जाता था।
15100 करोड़ की उद्घाटन-शिलान्यास
पीएम मोदी के साथ नितिन गडकरी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उदयपुर के खेल गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रिमोट का बटन दबा कर 15100 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया।
इनमें 5610 करोड़ रुपए की लागत के 12 राजमार्गों से संबंधित कार्यों का लोकार्पण किया। जबकि 9490 करोड़ रुपए की लागत से 11 राष्ट्रीय राजमार्गों से संबंधित कार्यों के लिए भूमिपूजन हुआ है। 48 कार्य राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा संबंधी है। मोदी ने कहा कि इन योजनाओं से राजस्थान का विकास और तेजी से होगा।
प्रधानमंत्री ने किया इनका लोकार्पण
6 लेन केबल स्टेड पुल कोटा में चम्बल नदी के पार (कुल लागत-रु.278 करोड़)
4 लेन गोमती चैराहा- उदयपुर खण्ड एनएच-8 (कुल लागत-रु.1,129 करोड़)
4 लेन राजसमंद-भीलवाड़ा खण्ड एनएच-758 (कुल लागत-रु.1,360 करोड़)
2 लेन पेव्ड शोल्डर का निर्माण -
भीम - पारासोली खण्ड, एनएच-148 डी(कुल लागत-रु.89 करोड़)
परासोली- गुलाबपुरा खण्ड, एनएच-148 डी (कुल लागत-रु.98 करोड़)
लाम्बिया - रायपुर खण्ड एनएच-458(कुल लागत-रु.192 करोड़)
लाडनूं- डेगाना- मेड़ता शहर, खण्ड, एनएच-458(कुल लागत-रु.301 करोड़)
बागुंडी- बाड़मेर खण्ड, एनएच-112(कुल लागत-रु.200 करोड़)
राजस्थान बाॅर्डर - फतेहपुर -सालासर, खण्ड एनएच-65(कुल लागत-रु.672 करोड़)
जोधपुर- पोकरण खण्ड, एनएच-114(कुल लागत-रु.365 करोड़)
जोधपुर-पदपचरा खण्ड, एनएच-112(कुल लागत-रु.244 करोड़)
नागौर बाईपास से नेत्रा गाँव, खण्ड, एनएच-65(कुल लागत-रु.302 करोड़)
48 अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों का सड़क सुरक्षा कार्य (कुल लागत-रु.382 करोड़)
इनका किया शिलान्यास
4 लेन बर-जोधपुर खण्ड, एनएच-112(कुल लागत-रु.1,249करोड़)
6 लेन किशनगढ़- गुलाबपुरा खण्ड, एनएच-79 ए एवं एनएच -79(कुल लागत-रु.1,184 करोड़)
6 लेन गुलाबपुरा की तरफ - चित्तौड़गढ़ खण्ड, एनएच-79़(कुल लागत-रु.1,378 करोड़)
6 लेन चित्तौड़गढ़ से उदयपुर खण्ड, एनएच-76(कुल लागत-रु.1,223करोड़)
6 लेन नया उदयपुर बाईपास ,एनएच-8(कुल लागत-रु.726 करोड़)
6 लेन उदयपुर से राजस्थान /गुजरात बाॅर्डर खण्ड, एनएच-8(कुल लागत-रु.1,616 करोड़)
2 लेन बालोतरा से सांडेराव (पैकेज -2) पेव्ड शोल्डर खण्ड, एन एच-325
(कुल लागत-रु.179 करोड़)
2 लेन बालोतरा से सांडेराव (पैकेज -3) पेव्ड शोल्डर खण्ड, एन एच-325
(कुल लागत-रु.1़64 करोड़)
4 लेन झालावाड़ शहर में सीसीपेवमेंट एवं सड़क सुरक्षा के कार्य, एन एच-12
(कुल लागत-रु.81 करोड़)
2 लेन आरओबी नजदीक सादुलपुर रेलवे स्टेशन, एन एच-709 विस्तार
(कुल लागत-रु.25 करोड़)
6 लेन जयपुर रिंग रोड़ का निर्माण(कुल लागत-रु.1,668 करोड़)