राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब निजी स्कूलों की तरह पेरेन्ट्स—टीचर मीटिंग(पीटीएम) आयोजित की जाएगी। इसके लिए साल में चार बार समय निर्धारित किया जाएगा। इनमें से एक मीटिंग सिर्फ माताओं के लिए रखी जाएगी। ये कहना है शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का।
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने शनिवार को राजकीय कन्या महाविद्यालय में जिले की 50 मेधावी छात्राओं को स्कूटी वितरण की। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की कर रहा है। शैक्षिक राज्यों की रैंकिंग में हम तीन सालों में 21वें स्थान से पहले पांच स्थानों में पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बालिकाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में भी छलांग लगाई है। गार्गी पुरस्कार प्राप्त करने वाली बालिकाओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकारी स्कूलों का परिणाम प्रतिशत लगातार सुधर रहा है।
स्कूटी प्राप्त करने वाली बालिकाओं की कट्आॅफ प्रतिशत भी लगातार बढ़ रहा है। देवनानी ने कहा कि पूर्व में जहां पेरेन्ट्स—टीचर मीटिंग निजी विद्यालयों में होती थी, उसे सरकारी विद्यालयों में भी अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, अब से एक मीटिंग बच्चों की मां के साथ भी करवाई जाएगी। इससे भी शिक्षा के क्षेत्र में काफी सुधार होगा।
देवनानी ने कहा कि राजकीय विद्यालयों में नामांकन में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। इसी वृद्धि को कायम रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके नामांकन वृद्धि की जाएगी। आगामी दो वर्षों में राज्य के राजकीय विद्यालयों में नामांकन को एक करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी 5वीं एवं 8वीं परीक्षा बोर्ड के माध्यम से देंगे। इससे उनकी योग्यता में निखार आएगा। देवनानी ने अजमेर शहर में नये वेलफेयर होम की भी आधारशिला रखी।