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इनके कहने पर इतिहासकारों ने देखी 'पद्मावत', फिर कहा ये

Tue, 30 Jan 2018 03:07 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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विवादों के बाद संजय लीला भंसाली की फिल्म कई जगह रिलीज हो चुकी है। इस दौरान राजस्थान के दो प्रमुख इतिहासकारों ने भी ये फिल्म देखी। इन इतिहासकारों का कहना है कि कट्स के बाद अब इस फिल्म में ऐसी कोई बात नहीं रहीं जिस पर आपत्ति जताई की जाए। 
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राजस्थान के प्रमुख इतिहासकार आर.एस. खंगारोत और बीएल गुप्ता ने आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के कहने पर इस फिल्म को बैंगलूरू में देखा। फिल्म देखने के बाद खंगारोत का कहना है कि इस फिल्म में जो आवश्यक कट्स लगाए जाने थे, वे लगा दिए गए हैं। इतिहास के नजरिए से इसमें किसी तरह की कोई कमी नहीं है। कट्स लगाने के बाद फिल्म जो दिखाया गया है वो सही है। मैं नहीं मानता इसके बाद किसी समाज या किसी वर्ग को इससे कोई आपत्ति होनी चाहिए।
 
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दो घंटे चालीस मिनट की है फिल्म

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प्रो.बीएल गुप्ता ने कहा कि यह फिल्म दो घंटे चालीस मिनट की है। यह जायसी के पद्मावत पर आधारित है। अब इससे राजपूत समाज या अन्य किसी समाज के सम्मान को ठेस नहीं पहुंचेगी, बल्कि राजपूत समाज को गर्व होगा।

गौरतलब है कि सेंसर बोर्ड ने जिस पैनल को फिल्म दिखाने की सिफारिश की थी, उसमें ये दोनों इतिहासकार शामिल थे। फिल्म 25 जनवरी को रिलीज हो चुकी है। फिल्म ने डेढ़ सौ करोड़ का बिजनेस कर लिया है।
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