फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक 'कटप्पा' और, चेहरे पर हैं खूनी संघर्ष के निशान, मचा रहा है धूम

Sat, 01 Jul 2017 04:44 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
कटप्पा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एस.एस. राजमौली की बेहतरीन फिल्म 'बाहुबली' के कटप्पा को कौन भूल सकता है। लेकिन इन दिनों एक और कटप्पा मीडिया सहित इंटरनेट की दुनिया में धूम मचाने के लिए तैयार है।
विज्ञापन


यह कटप्पा जयपुर शहर के नजदीक स्थित झालाना वन क्षेत्र का बेताज बादशाह है। ये करीब 16 वर्षीय बूढ़ा लेपर्ड है, जिसे हाल ही इस वन क्षेत्र में देखा गया है। वन्यजीव प्रेमियों ने इसका नाम 'कटप्पा' रखा है। ये लेपर्ड झालना वन क्षेत्र का सबसे उम्रदराज सदस्य है। वन्यजीव प्रेमियों का दावा है कि देश के जंगलों में इतना उम्रदराज लेपर्ड शायद ही कहीं रिपोर्ट हुआ है।

इसकी बहादुरी और जंगल में इसके संघर्ष की कहानी के निशां इसके चेहरे पर दिखाई देते हैं। वाइल्ड लाइफ से जुड़े जानकारों ने इसके एंग्री स्वभाव के कारण ही इसे कटप्पा नाम दिया है।
विज्ञापन


विशेषज्ञ धीरेन्द्र गोधा कहते है कि यह आश्चर्य ही है कि कोई लेपर्ड 16 वर्ष तक जिंदा रहे। इस लेपर्ड की शुक्रवार को ही साइटिंग हुई है। वन्य प्रेमी इसकी साइटिंग से उत्साहित है और रोमांचित भी हो रहे हैं।
विज्ञापन

यहां तेजी से बढ़ रहा है कुनबा, प्रोजेक्ट लेपर्ड भी यहीं से हुआ लांच

झालाना पार्क
गौरतलब है कि जयपुर में स्थित झालाना वन क्षेत्र लेपर्ड के लिए देशभर में पहचान रखता है। वर्तमान में इस वन में 17 लेपर्ड है। यहां तेजी से बढ़ती लेपर्ड की आबादी को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट लेपर्ड लांच किया है।

संभवत: भारत में पहली बार लेपर्ड के संरक्षण के लिए किसी सरकार ने ऐसा कदम उठाया है। झालान में प्रोजेक्ट लेपर्ड के लिए सरकार करोड़ों रुपए खर्च करेगी। जिसमें यहां रहने वाले लेपर्ड की सुरक्षा के साथ इंसानों से उनका संघर्ष कम हो इसकी योजना भी तैयार की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें