अजमेर के सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के गुरु ख्वाजा उस्मान हारूनी का उर्स शानौ शौकत से मनाया जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में जायरीन शिरकत करने आए हैं। जायरीन के लिए दरगाह का जन्नती दरवाजा भी आज अलसुबह खोल दिया गया। इसके बाद जायरीनों में जन्नत के दरवाजे से जियारत करने की होड़ लगी है।
सूफी संत ख्वाजा साहब के गुरू ख्वाजा उस्मान हारूनी के उर्स का आगाज आज हो गया। इससे पहले शुक्रवार रात्रि में दरगाह के महफिल खाने में महफिल की रस्म हुई। इसमें शाही कव्वालों ने सूफियाना कलाम प्रस्तुत कर जायरीनों को झूमने पर मजबूर कर दिया। आज सुबह जन्नती दरवाजा भी खोल दिया गया। जायरीनों ने जन्नती दरवाजे से होकर जियारत की।
खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि जन्नती दरवाजा खुलने और बंद होने का भी एक निश्चित समय है। यह वर्ष में चार बार खुलता है। ख्वाजा साहब के उर्स में रजब माह की चांद रात से 6 रजब तक यानी 7 दिन तक खुला रहेगा। इसके बाद रमजान माह की ईद को सुबह पांच बजे से लेकर दोपहर डेढ़ बजे तक खोला जाता है। ख्वाजा साहब के गुरू हजरत उस्मान हारूनी के उर्स के मौके पर भी सुबह पांच बजे खुलकर दोपहर डेढ़ बजे बंद किया जाता है। इसी तरह बकरा ईद पर भी दरवाजा खोला जाता है।