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टीचरजी को टारगेट, सरकार का 'ज्ञान पोर्टल' चलाने के लिए जुटाओ रुपए

Tue, 08 Aug 2017 02:22 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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आदेश - फोटो : amar ujala
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दफ्तर में स्मार्ट मोबाइल लाने पर रोक के अॉर्डर के बाद अब शिक्षा विभाग का एेसा अॉर्डर आया है, जिसमें टीचरजी को रुपए जुटाने के टारगेट दे दिए गए हैं।
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दरअसल, ये आॅर्डर राजस्थान सरकार के शिक्षा विभाग का है, जिसने सरकारी स्कूलों में कार्यरत टीचर्स को चिंता में डाल दिया है। आदेश के अनुसार झालावाड़ जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को फोन के जरिये निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र में आने वाले टीचर्स को जनसहयोग से राशि एकत्र करने को कहें। इसके बाद ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक, पंचायत समिति अकलेरा की ओर एक लिखित आदेश जारी किया गया है। जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी के टेलीफोनी निर्देशों का हवाला दिया गया है।

इस आदेश में साफ तौर पर लिखा गया है कि ब्लॉक के समस्त अध्यापक और अध्यापिकाओं के लिए पांच हजार रुपए सहयोग राशि के लिए लक्ष्य दिया गया है। साथ ही, लिखा गया है कि यह राशि टीचर्स जनसहयोग से ज्ञान पोर्टल के लिए एकत्र करें। यह एकत्र की गई राशि स्थानीय कार्यालय में जमा कराने की बात भी कही गई है।
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आदेश में यह भी कहा गया है कि हमें यह लक्ष्य पूरा करना होगा ताकि यह राशि ज्ञान पोर्टल में जमा करवाकर वे उच्च अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की अक्षरश: पालना कर सके।
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आदेश मानना मजबूरी, लेकिन क्या करें

उधर, आदेश के बाद से ही जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत टीचर्स के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी है। दबी जुबां से हर कोई टीचर यह कह रहा है कि उनका काम बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है ना कि जनसहयोग से राशि एकत्र करना। इससे उनके पेशे को भी कुठाराघात पहुंचा है। हालांकि, आदेश को मानना उनकी मजबूरी है।

उधर, प्रदेश के शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी का कहना है कि सरकार की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। हमनें केवल लोगों से ज्ञान पोर्टल में सहयोग का आग्रह किया है। आदेश किसने जारी किया है इसकी जांच करवाई जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले उदयपुर जिले में भी अजब फरमान जारी किया गया था। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता की ओर से जारी इस फरमान में लिखा था कि कार्यालय में स्मार्ट एंड्राइड फोन के उपयोग पर पूर्णत: पाबंदी रहेगी। इस आदेश के पीछे कारण ये बताया गया था कि स्मार्ट फोन के आॅफिस में प्रयोग करने से कर्मचारियों का समय खराब होता है। जिसका सीधा असर उनके काम पर पड़ता है।
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