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राजस्थानः महंगाई ने डाला 'उज्ज्वला' के चूल्हे पर पानी, 35 फीसदी लोगों ने सिलेंडर भरवाने से किया इनकार

Sat, 06 Mar 2021 02:47 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां अपने हर भाषण में उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को चूल्हे के धुएं से निजात दिलाने की बात करते नजर आते हैं, वहीं एक रिपोर्ट जो सामने आई है वह बेहद चिंताजनक है।दरअसल एलपीजी के बढ़ते दामों ने आम लोगों के साथ-साथ उज्ज्वला के लाभार्थियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी है।

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दरअसल गरीब परिवारों को मुफ्त में तो सिलेंडर दिए गए लेकिन एलपीजी के दाम में 10 महीने के भीतर 250 रुपये की बढ़ोतरी होने से लाभार्थी इन्हें भरवा नहीं करा पा रहे हैं।

राजस्थान में बुरा हाल
राजस्थान में उज्ज्वला योजना के 30 से 35 फीसदी लाभार्थियों ने अचानक से दाम बढ़ने के बाद सिलेंडर भरवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। लाभार्थियों का कहना है कि पूरे परिवार की कमाई उतनी नहीं है कि इतने महंगे गैस सिलेंडर पर खर्च कर सकें। जितने का सिलेंडर भरवाएंगे उतने में तो राशन ले आएंगे। उन्होने बताया कि राशन पानी के दाम भी बढ़ गए हैं इसलिए अब सिलेंडर भरवाना मुश्किल लग रहा है।
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लकड़ी चूल्हे पर खाना बनाने को लोग मजबूर
उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त घरेलू गैस के कनेक्शन तो बांटे दिए गए और कोरोना काल में तीन सिलेंडरों की मुफ्त रीफिलिंग भी की गई। लेकिन अप्रैल में गैस सब्सिडी बंद होने और दिसंबर के बाद कीमतों में अचानक वृद्धि ने लोगों को एलपीजी चूल्हे से लकड़ी चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर कर दिया है। 

ताजा रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ 30 से 35 फीसदी ही उज्जवला योजना के उपभोक्ता रेगुलर सिलेंडर भरवा रहे हैं। यानि की 63.64 लाख में से 21 लाख 60 हजार लोग ही गैस भरवा रहे हैं।दिसंबर से सिलेंडर के दाम 700 रुपये तक पहुंच गए क्योंकि पिछले 9 महीने से सब्सिडी भी बंद है। अगर सब्सीडी मिल रही होती तो कुछ राहत मिल जाती। 

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