अंधड़ से बचने के लिए करीब 12 से 13 फीट उंची दीवार के सहारे करीब 80 से 90 लोग खड़े थे
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भरतपुर के सेवर कस्बे में एक अवैध मैरिज 24 लोगों की मौत का कारण बना था। घटना के करीब आठ दिन बाद जब जिला प्रशासन अवैध मैरिज होम के खिलाफ कार्रवाई करने निकला तो विधायक व मेयर पर पूरी मेहरबानी रखी। हालांकि निगम ने 26 अवैध मैरिज होम के खिलाफ कार्रवाई की। मेयर शिवसिंह भौंट के मैरिज होम का नाम अवैध मैरिज होम की सूची में था लेकिन प्रशासन ने उसे छोड़ दिया। जबकि विधायक विजय बंसल व अन्य कई स्थानीय नेताओं के मैरिज होम पर कोई कार्रवाई ही नहीं की गई।
निगम की मनमानी के चलते अल्य मैरिज होम संचालकों में रोष है। गौरतलब है कि 24 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश भर में अवैध रुप से संचालित हो रहे मैरिज होम पर कार्रवाई की बात की थी। जिसके बाद जयपुर सहित कई शहरों के 60 से अधिक मैरिज होम पर कार्रवाई की गई है। वहीं भरतपुर जहां हादसा हुआ था वहां पर आठ दिन बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कार्रवाई को लेकर हुई देरी प्रशासन के लिए किरकिरी साबित हुई है। भरतपुर में जिन 26 मैरिज होम पर कार्रवाई की गई है वे आम व्यवसायी है उनमें कोई प्रभावशाली व्यक्ति सम्मलित नहीं है।