बीते तीन माह से 33 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सरकारी चिकित्सक आज से हड़ताल पर रहेंगे। राजस्थान में आज लाखों मरीजों के लिए दिन परेशानी भरा रह सकता है। बीती रात करीब दो बजे तक सरकार और चिकित्सक नेताओं के बीच चली वार्ता में कोई सहमति नहीं बन सकी। वहीं राजस्थान सरकार ने रेस्मा लगा दिया है। साथ ही जिला कलक्टरों को तमाम तरह की आपात व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए है। रेलवे अस्पतालों के साथ आर्मी के अस्पतालों में भी मरीजों को सरकार की ओर से सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पूर्व रविवार दोपहर तक आठ हजार से प्रदेशभर के आठ हजार से अधिक चिकित्सकों ने इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद रविवार शाम से चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ और राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के बीच बातचीती का सिलसिला प्रारंभ हुआ।
सरकार हुई सख्त
इस्तीफा
- फोटो : demo pic
लेकिन कई चरणों की बातचीत के बाद भी समस्या का कोई हल नहीं निकल सका। गौरतलब है कि रविवार देर शाम तक सहमति की खबरें जरुर आयी लेकिन रात कररीब दो बजे अचानक वार्ता विफल होने की बात सामने आयी।वहीं जानकारी के अनुसार चिकित्सक संघ में दो फाड़ हो गए। सरकार और वार्ता कर रहे चिकित्सकों के बीच जो सहमति पत्र तैयार हुआ उस पर संघ के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। जबकि संघ के अन्य पदाधिकारी हस्ताक्षर को तैयार थे। वहीं सरकार की ओर से स्प्ष्ट कर दिया गया है कि अब आगे चिकित्सकों से कोई वार्ता नहीं होगी।