दिल्ली में मुलाकात करते विधायक
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बाड़मेर में सरस्वती नदी की खोज की फाइल से धूल हटेगी। इस नदी की खोज के लिए दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम राजस्थान आएगी और इस नदी की मौजूदगी को लेकर सर्वे किया जाएगा।
यह भरोसा केन्द्रीय जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण राज्यमंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान ने उनसे मिले राजस्थान किसान मोर्चा और बायतु के एमएलए कैलाश चौधरी को दिलाया। चौधरी बालियान और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से इस मांग को लेकर नई दिल्ली में मिले थे।
डॉ. संजीव बालियान ने उन्हें आश्वस्त किया है कि जल्द ही केंद्र सरकार की टीम राजस्थान के पश्चिमी हिस्से के भूगर्भ में सरस्वती नदी के प्रवाह क्षेत्र के बारे में खोजबीन करेगी। चौधरी का कहना है कि यदि पश्चिमी क्षेत्र में सरस्वती नदी का जल किसी तकनीक द्वारा आमजन तक पहुंचाया जाए तो यहां पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगा।
विधायक चौधरी ने कहा कि वर्ष 1998 और 2003 के मध्य सर्वेक्षण करके इस संबंध में प्रमाण जुटाए गए थे जिसमें यह पाया गया कि पश्चिमी राजस्थान में हजारों वर्ष पूर्व जल भंडार प्रचुर मात्रा में थे। उन्होंने कहा कि इसके संकेत भी मिले कि इस क्षेत्र में सरस्वती नदी का प्रवाह होने की संभावना सर्वेक्षण के बाद पुष्ट हुई थी, लेकिन किन्ही कारणों से यह कार्य योजना कागजों में दबकर रह गई। सरस्वती नदी की खोज का अभियान पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर और हनुमानगढ़ में चलाया जाए तो इसके सार्थक परिणाम सामने आएंगे।