सरिस्का अभ्यारण्य में शनिवार को आदमखोर लेपर्ड ने पहले एक इंसान का शिकार किया फिर सैकड़ों इंसानों ने मिलकर उस आदमखोर का शिकार किया था। सरिस्का में इंसान और जानवरों के बीच बढ़ते टकराव की गूंज सोमवार को राजस्थान विधानसभा में सुनाई दी। राज्य के वन मंत्री गजेन्द्र सिंह ने कहा कि शनिवार को लेपर्ड के हमले में जिस व्यक्ति की मौत हुई थी वह सरिस्का के क्षेत्र में दाखिल हुआ था। ना कि हमला करने वाला लेपर्ड रिहायशी ईलाके में आया था।
गौरतलब है कि सितंबर 2016 से अब तक सरिस्का में जानवरों के हमले में सात लोगों की जान जा चुकी है। वन मंत्री का कहना है कि सभी घटनाएं सरिस्का अभ्यारण्य की सीमा के अंदर हुई है ना कि रिहायशी क्षेत्र में। मंत्री ने सदन को बताया कि ग्रामीण सरिस्का वन क्षेत्र में लकड़ी काटने व अन्य कारणों से जाते है जिस कारण यह हादसे हुए है। हालांकि उन्होंने कहा कि इंसान व जानवरों के बच बढ़ते टकराव को रोकने के लिए सरकार वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के लिए बेहतर पुर्नवास की व्यवस्था कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के दौरान वन कर्मचारियों की कोई गलती सामने नहीं आई है। मंत्री का कहना था कि जब भी किसी लेपर्ड के हमले की जानकारी मिली है वन विभाग की ओर से तुरंत कार्रवाई करते हुए सबंधित लेपर्ड को पकड़कर जू भेजा गया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि शनिवार को जिस युवक की मौत हुई थी विभाग की ओर से उसे मुआवजा भी घोषित किया गया है।