फैक्ट्री को पर्यावरण और पशु—पक्षियों का दुश्मन माना जाता है। पर्यावरण से जुड़ी संस्थाएं भी पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए इन्हें बंद कराने के लिए आंदोलन करती है। कोटा में इसके उलट मामला सामने आया है। यहां एक फैक्ट्री बंद होने से मोरों की जान पर बन आई है।
दरअसल कोटा की आईएल कॉलोनी में आईएल फैक्ट्री है, जिसे बंद कर दिया गया है। इस फैक्ट्री के बंद होने से यहां कई साल से रह रहे राष्ट्रीय पक्षी मोर संकट में आ गए है। फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से इन मोरों के रखरखाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाते रहे है।
इसी समस्या को देखते हुए रविवार को राष्ट्रीय पक्षी को बचाने के लिए ग्रीन कोर संस्था की ओर से पैदल मार्च निकाला गया। पैदल मार्च किशोर सागर तालाब से शुरू हुआ जो आईएल कॉलोनी तक पहुंचा। पैदल मार्च में बड़ी संख्या में प्रकृति प्रेमियों के साथ-साथ शहरवासियों ने भी हिस्सा लिया। ग्रीन कोर संस्था ने सरकार से राष्ट्रीय पक्षियों के संरक्षण की मांग करते हुए आईएल कॉलोनी परिसर में ही ग्रीन पार्क विकसित करने की सरकार से मांग की है। पैदल मार्च में स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।