राजस्थान कांग्रेस में फेरबदल की सुगबुगाहट से अंदरूनी सियायत तेज हो गई है। नए प्रभारी और सहप्रभारियों को बधाई देने एवं विधानसभा चुनाव—2018 की तैयारियों के बहाने राजस्थान के 20 से अधिक प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी एवं नेता दिल्ली में लॉबिंग कर रहे हैं।
राजस्थान में नए प्रभारी एवं महासचिव के रुप में अविनाश पांडे और सचिव काजी मोहम्मद निजामुद्दीन, विवेक बंसल, तरुण कुमार और देवेन्द्र यादव की नियुक्ति के बाद राजस्थान कांग्रेस में फेरबदल की संभावना है। गौरतलब है कि प्रदेश कार्यकारिणी में अभी अधिकांश पदाधिकारी पूर्व प्रभारी गुरुदास कामत के करीबी माने जाते हैं। इनकी नियुक्ति में कामत और पूर्व सचिव इरशाद बेग की चली थी। नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति के बाद इन पदाधिकारियों को अपनी छुट्टी होने का डर सताने लगा है।
प्रदेशाध्यक्ष भी बदलने की भी चर्चाएं जोर पकड़ने लगी है। वर्तमान अध्यक्ष सचिन पायलट के नेतृत्व में पार्टी को लगातार मिली हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में उनके विरोधी सक्रिय हो गए है। ब्राह्मण और जाट नेता को नेतृत्व सौंपे जाने के लिए लॉबिंग की जा रही है।
कहा जा रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस का परम्परागत वोट बैंक जाट लंबे समय से उपेक्षा के चलते कांग्रेस से नाराज है। ऐसे में एक गुट जाट नेता को राजस्थान में कांग्रेस की कमान सौंपने के लिए दबाव बना रहा है।
प्रतिपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी की राहुल गांधी से शुक्रवार को हुई मुलाकात को इसी परिप्रेक्ष में देखा जा रहा है। इसी तरह सीपी जोशी गुट भी सक्रिय हो गया है। वह ब्राह्मण वोट बैंक के आधार पर जोशी के लिए लॉबिंग कर रहे है।