राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी
निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली द्वारा कुछ लोगों को फिल्म 'पद्मावती' दिखाए जाने से उनकी ओर से आई सकारात्मक प्रतिक्रियाओं के बाद राजपूत समाज का विरोध और भी तेज हो गया है।
इन प्रतिक्रियाओं पर श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने पत्रकारों से कहा कि जिस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ही नहीं देखा, उसे हम फिल्म ही नहीं मानते। इस कारण उस फिल्म में हम क्या देखें?
इधर, भंसाली ने राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों को फिल्म देखने के लिए सहमति दी है। लेकिन कालवी ने कहा है कि जिस फिल्म को फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने पहली बार में ही वापस लौटा दिया हो उसे देखना हम कैसे स्वीकार कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम वो फिल्म देखेंगे, जिसे सेंसर बोर्ड द्वारा रिलीज करने की स्वीकृित प्रदान होगी। हमारी गुहार भी संजय लीला भंसाली से नहीं है। हमने सेंसर बोर्ड और सूचना व प्रसारण मंत्रालय से इस फिल्म को बारीकी से देखने और कोई निर्णय करने को कहा है। जब वे कहेंगे, तो हम फिल्म जरूर देखेंगे।