बहुचर्चित कांकाणी हिरण शिकार के मामले में जोधपुर की सीजेएम ग्रामीण कोर्ट में चल रही अभियोजन अधिकारी की अंतिम बहस आज भी अधूरी रही है। अब आगे की अंतिम बहस चार अक्टूबर होगी।
अभियोजन अधिकारी भवानी सिंह भाटी ने सोमवार को अधूरी रही अंतिम बहस को आगे बढ़ाते हुए कोर्ट में मेडिकल बोर्ड के तीनों चिकित्सक गणपतसिंह, एमएल विक्रम व बीआरजे माथुर तथा एफएसएल के सहायक निदेशक जीके माथुर व जयपुर फोरेसिंक के सहायक निदेशक आरके चतुर्वेदी के बयानों व जिरह को पढ़ा।
इनमें बताया गया कि मेडिकल बोर्ड ने दो काले हिरणों का पोस्टमार्टम किया था, जिसमें एक हिरण के पैर में गोली लगी हुई थी वहीं दूसरे के गर्दन में गोली लगी हुई थी। एफएसएल ने मौके से लिए कंकर, मिट्टी व खून के सैम्पल उठाए थे, उनके संबंध में भी जानकारी दी गई।
बाद में समयाभाव के कारण बहस पूरी नहीं हो पाई। आगे की अंतिम बहस चार अक्टूबर को होगी। आज अंतिम बहस के दौरान सलमान खान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत, तब्बू के अधिवक्ता मनीष सिसोदिया, नीलम, सोनाली व सैफ अली खान की ओर से केके व्यास और विश्नोई समाज की ओर से महिपाल विश्नोई मौजूद रहे।