शेट्टी कमीशन की सिफारिशों को लागू नहीं करने पर प्रदेश की निचली अदालतों के न्यायिक कर्मचारियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों के सामुहिक अवकाश पर रहने के चलते निचली अदालतों का कामकाज पूरी तरह ठप्प पड़ा हुआ है।
हालांकि न्यायालय प्रशासन की ओर से व्यवस्था सुचारू करने के लिए वैकल्पिक तौर पर कुछ कर्मचारी लगाए गए हैं, लेकिन मुकदमों की संख्या को देखते हुए इनकी संख्या नगण्य ही है। वकीलों के अनुसार सबसे अधिक समस्या जमानत प्रार्थना पत्रों, मोटर वाहन मामलों और स्टे की आ रही है।
अधिकांश अदालतों में प्रकरणों की सुनवाई नहीं हो रही है। जिन अदालतों में सुनवाई होती है, उनमें आदेश जारी होने के बाद नकल नहीं मिल रही है। ऐसे में पक्षकारों को समस्या हो रही है।
वहीं राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के महामंत्री और जयपुर शाखा के अध्यक्ष बद्रीलाल चौधरी ने बताया कि हाईकोर्ट प्रशासन से वार्ता के दौर चल रहे हैं। शेट्टी कमीशन के वेतन सहित सभी प्रावधानों पालना नहीं होने तक कर्मचारी सामुहिक अवकाश पर रहेंगे।