तीन तलाक पर देश भर में बहस छिड़ी हुई है। लेकिन एक और ऐसा विषय है जो हमेशा से ही बुद्धिजीवियों और कथित समाज चिंतकों के निशाने पर रहा है वह है लिव इन रिलेशनशिप।
इस विषय पर पुन: बहस छिड़ गई है। क्योंकि राजस्थान के राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रहे प्रकाश टाटिया इन इसे सामाजिक आतंकवाद बताया है।
एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में टाटिया ने कहा है कि लिव इन रिलेशनशिप को भी महिलाओं की सुरक्षा के लिहाज से कानूनी जामा पहनाने की आवश्यकता है।