राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर के जाटों ने बृहस्पतिवार से राजस्थान-यूपी बार्डर पर रारह में महापड़ाव डाल दिया। ओबीसी में आरक्षण की मांग को लेकर जाटों ने यह निर्णय किया है।
इससे पूर्व बुधवार शाम को जिला प्रशासन से हुई जाट नेताओं की वार्ता विफल हो गई। महापड़ाव को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है। इसके लिए आरएसी व पुलिस की तैनाती की गई। जाट नेताओं की सड़क व रेल यातायात बंद करने की चेतावनी को देखते हुए आरपीएफ की एक कंपनी कोटा से बुलाई गई है। जानकारी के अनुसार आरपीएफ के जवानोंं को भरतपुर स्टेशन सहित अन्य कई स्टेशनों पर तैनात किया गया है। वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति की छोंकरवाड़ा में हुई बैठक में संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह, लाखनसिंह, पुष्पेन्द्र सिंह सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
हालांकि जाटों को ओबीसी में आरक्षण मिले या नहीं इसको लेकर सर्वे कराया गया था। जानकारी के अनुसार सर्वे से यह लगभग तय हो गया है कि जाटों को आरक्षण मिल जाएगा। यह सर्वे राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की ओर से कराया गया था।