भरतपुर धौलपुर के जाटों का आंदोलन स्थगित होने के बाद शनिवार को आम लोगों को राह आसान होने लगी है। सड़कों पर से जाम खुलने लगा है, वहीं दूसरी तरफ रेलवे ट्रेक से भी आंदोलनकारियों का हटना शुरू हो गया है। जिससे पिछले तीन दिनों से बीच राह में अटके लोगों ने राहत की सांस ली है।
दरअसल जाट आंदोलनकारियों ने सड़कों और रेलवे ट्रेक को जाम कर दिया था। ऐसे में जहां रोडवेज ने अपनी बसों को रोक दिया था, वहीं रेलवे ने भी कई ट्रेंने रद्द कर दी थी। इसके बाद लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
आंदोलन की संघर्ष समिति के अध्यक्ष विश्वेंद्र सिंह ने अपील की थी कि आंदोलन कारी रेलवे ट्रेक और सड़कों पर से हट जाएं और आम लोगों रास्ता दें। उसके बाद से आंदोलनकारियों ने हटना शुरू कर दिया।
गौरतलब है कि भरतपुर को जयपुर से जोड़ने वाले कई सड़क मार्ग जाम कर दिए थे। इनमें भरतपुर जयपुर मार्ग, नदबई नगर सड़क मार्ग, नदबई खेड़ली मार्ग, भरतपुर-अलवर सड़क मार्ग समेत कई रास्तों पर जाम लगा दिए थे। अब आंदोलनकारी हटने लगे हैं, जिससे लोगों की आवाजाही शुरू होने लगी है।
वहीं रेलवे ट्रेक पर जाटों के बैठने से कई दर्जन ट्रेंने प्रभावित हुई। कई को रद्द कर दिया गया तो कई के मार्ग बदल दिए गए। मथुरा ज.-जयपुर, जयपुर-इलाहाबाद, अजमेर-आगरा फोर्ट, अलवर-मथुरा ज., बांदीकुई-बरेली, बांदीकुई-ईदगाह, आगरा फोर्ट-जयपुर, निजामुद्दीन-उदयपुर रेल सेवाएं रद्द कर दी गई थी। रेलवे के सूत्रों की मानें तो इन रेलसेवाओं पर ट्रेक की जांच के बाद जल्द ही दोबारा संचालन शुरू किया जा सकता है।