राजस्थान हाईकोर्ट ने वर्ष 2013 की नर्स ग्रेड-2 भर्ती में भरतपुर और धौलपुर के जाट अभ्यर्थियों को अंतरिम रूप से ओबीसी आरक्षण का लाभ देते हुए नियुक्ति के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश चन्द्रशेखर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता सतीश खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2013 में भर्ती निकाली गई। उस समय याचिकाकर्ता ओबीसी वर्ग में शामिल थे। वहीं 10 अगस्त 2015 को हाईकोर्ट के आदेश के चलते धौलपुर और भरतपुर के जाट ओबीसी वर्ग से बाहर हो गए। इसके बाद सरकार ने गत 23 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर दोनों जिलों के जाटों को पुन: ओबीसी में शामिल कर लिया।
याचिका में गुहार की गई है कि वर्तमान में नर्स ग्रेड-2 की चयन प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में याचिकाकर्ताओं को ओबीसी में शामिल मानते हुए नियुक्ति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम रूप से ओबीसी आरक्षण का लाभ देते हुए नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।