विश्व प्रसिद्ध पुष्कर पशु मेले में इस बार घोड़ों के करतब देखने को नहीं मिलेंगे। इनकी बिक्री और प्रदर्शन भी नहीं होगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाला यह मेला 23 अक्टूबर से चार नवंबर तक राजस्थान के पुष्कर में आयोजित होता है। इस मेले में जहां स्थानीय पशुपालक पशुओं की खरीद—फरोख्त करते है वहीं देशी-विदेशी पर्यटक भी यहां मेले के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को देखने के लिए पहुंचते हैं।
मेले का मुख्य आकर्षण पशुओं के करतब, पशुओं की साज-सज्जा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है। इस बार इनमें पशुओं के करतब देखने को नहीं मिलेंगे। दरअसल, राजस्थान के पशुपालन विभाग ने एक आदेश जारी कर अश्व वंश जिसमें घोड़े, खच्चर, टट्टू शामिल हैं, के अजमेर जिले से बाहर ले जाने अथवा बाहर से जिले में लाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।