करीब डेढ़ साल से फरार चल रहे कुख्यात गैंग्सटर आनंदपाल को जिस समय मौत की नींद सुलाई जा रही थी उस समय राजस्थान के गृह मंत्री खुद भी चैन की नींद सो रहे थे। गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने खुद ये बात मीडियाकर्मियों को बताते हुए कहा कि 'मैं तो रात को सोया हुआ था कि मुझे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का फोन आया और उन्होनें मुझे बधाई दी,जब मैंने पूछा की किस बात की बधाई दी जा रही है तो जवाब आया कि आनंदपाल मारा गया है,अब आप चैन से सो सकते हैं'।
गृहमंत्री ने बताया कि आॅपरेशन पूरा होने के ठीक बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें आॅपरेशन के बारे में जानकारी दी। गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि आनंदपाल प्रदेश की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और उसकी काफी समय से तलाश की जा रही थी।
इस पूरे आॅपरेशन को अंजाम देने में राजस्थान पुलिस को हरियाणा पुलिस का पूरा सहयोग मिला जिसके बाद आनंदपाल के चचेरे भाईयों देवेन्द्र और गटू को पुलिस ने हरियाणा के सिरसा से गिरफ्तार कर लिया गया और पुलिस ने आनंदपाल के भाईयों से उसकी लोकेशन के बारे में पूछा जिसके बाद उसकी लोकेशन को ट्रेस करना शुरू कर दिया गया।
गृहमंत्री कटारिया ने साफ किया कि राजस्थान पुलिस इस कुख्यात गैंग्स्टर को कतई नहीं मारना चाहती थी और पुलिस के जवानों ने उससे सरैंडर करने को भी कहा था लेकिन पुलिस के मकान में दबिश देते ही आनंदपाल ने पुलिस पर गोलियां बरसाना शुरु कर दिया और बदले में उसके सीने में 6 गोलियां लग गई।
गृहमंत्री कटारिया ने इस पूरे आॅपरेशन को अंजाम देने वाले पुलिस के जवानों को मुबारकबाद दी है वहीं आॅपरेशन में घायल हुए जवानों को अच्छे से अच्छा इलाज देने की बात की है।