बिना तलाक दूसरी शादी करने वाली महिलाओं के लिए बुरी खबर है। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना तलाक लिए दूसरा विवाह करने वाली महिला दूसरे पति से भरण पोषण लेने की हकदार नहीं है।
इसके साथ ही अदालत ने निचली अदालत की ओर से भरण पोषण के तौर पर दो हजार रुपए प्रतिमाह अदा करने के आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायाधीश बनवारीलाल शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश विनोद नाथवानी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता रामावतार बोचल्या ने अदालत को बताया कि भारती का विवाह मनोज कुमार के साथ हुआ था। दोनों के बीच विवाद होने पर भारती ने कानूनी रूप से तलाक लिए बिना ही याचिकाकर्ता से 23 दिसंबर 2011 को विवाह किया।