अजमेर में स्कूली बच्चों ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है। यहां बच्चे खुद की किडपेगिंग की कहानी गढ़ रहे हैं। जिसके चलते पुलिस अपनी मुस्तैदी दिखाती है और हाथ कुछ नहीं लगता।
नोर्थ सीओ राजेश मीणा ने बताया कि अजमेर शहर में इन दिनों विभिन्न थाना क्षेत्रों में रोजाना बच्चों के अपहरण की सूचनाएं मिलती है। इनमें बताया जाता है कि एक लाल रंग की वैन और उसमें दो जने दो महिलाओं के साथ उनके बच्चे को किडनैप कर ले गए हैं। इस पर पुलिस छापामारी की कार्रवाई के साथ मुस्तैद हो जाती है। इसके कुछ देर बाद ही किडनैपिंग बच्चा खुद आकर सारी कहानी बता देता है।
मीणा का कहना है कि अब उस कहानी को सच समझे या मनगढ़ंत, यह बड़ी मुश्किल का काम है। क्योंकि सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर ऐसा कुछ भी पुलिस के हाथ नहीं लगता है जिससे किडनेपिंग की कहानी पुख्ता दिख सके। हालांकि, फिर भी पुलिस को इन मामलों में सतर्कता बरतना जरूरी हो जाता है।
कोतवाली थानाधिकारी बीएल मीणा ने बताया कि 16 फरवरी को नया बाजार स्थित द्रोपदी देवी सांवरमल स्कूल की तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले विजय कुमार के बेटे ने अपनी किडनेपिंग की कहानी बयां की। इससे पुलिस सहित शहर में भी हडकम्प मच गया। गहनता से जांच की तो ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया। सख्ती से पूछा तो बच्चे ने बताया कि टीवी सीरियल देखकर पढ़ाई से बचने के लिए ही उसने यह कहानी रची। इसी तरह अलवर गेट थाना इलाके में भी एक बच्चे ने वैन में आए नकाबपोश युवक और युवतियों द्वारा किडनेपिंग की शिकायत दी। फिलहाल इस मामले में भी पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिल पाए हैं।