अपनी जमीन को अवाप्ति से बचाने के लिए करीब एक महीने तक जमीन समाधि लेकर सत्याग्रह करने वाले किसान आज जेडीए दस्ते के सामने हो गए।
बाद में जेडीए ने भारी विरोध के बीच यहां प्रस्तावित आवासीय योजना की 30 बीघा जमीन का कब्जा लिया। जयपुर के नजदीक नींदड गांव में प्रस्तावित जेडीए की नींदड आवासीय योजना के लिए जमीन का भौतिक कब्जा लेने की कार्रवाई जेडीए ने आज से शुरू कर दी। आज जेडीए के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ नींदड गांव पहुंचे और अवाप्त भूमि का कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू की।
इसका गांव वालों ने जमकर विरोध किया। इस दौरान दस्ते पर ग्रामीणों ने पथराव भी किया। पुलिस ने भी लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। बाद में पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं समेत 11 प्रदर्शनकारियों को राजकार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
ग्रामीणों ने लगाए ये आरोप
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- फोटो : Amar Ujala
दूसरी तरफ ग्रामीणों ने जेडीए की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि जेडीए दस्ते ने नींदड़ के लाला बाबा की ढाणी,साधु बाबा की ढाणी और अन्य जगहों पर कार्रवाई की।
किसानों ने जेडीए और पुलिकर्मियों पर महिलाओं और बच्चों से बदसलूकी का आरोप लगाते हुए कहा कि जेडीए ने बिना सूचना दिए कार्रवाई की। इसका विरोध किया तो लाठीचार्ज कर दिया।
इधर,जेडीए ने अपनी सफाई में कहा कि सरकार और किसानों के बीच हुए समझौते के अनुरूप जिस जमीन पर उन्होनें कब्जा किया है वो एक मंदिर की जमीन है जिसकी मुआवजा राशि जेडीए कोर्ट को जमा करवा चुका है। नींदड़ बचाओ संघर्ष समिति ने जेडीए की इस कार्रवाई को सरकार द्वारा वादाखिलाफी बताया है।
गौरतलब है कि यहां जमीन बचाने के लिए किसानों ने जमीन समाधि सत्याग्रह किया था। इस दौरान दिवाली, भैया दूज आदि त्योहार भी प्रदर्शन स्थल पर ही मनाई गई थी। इस आंदोलन को समाप्त करने के लिए बाद में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच समझौता हुआ था।